सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

मिस्र देश, पर परमेश्वर, की दस, विपत्तियाँ क्यों आई ?Step-by-step

 मिस्र देश, पर परमेश्वर, की दस, विपत्तियाँ क्यों आई ?Step-by-step 






निश्चित रूप से निर्गमन की पुस्तक में ये दस विपत्तियाँ परमेश्वर की संप्रभुता और मिस्र के झूठे देवताओं पर उनकी विजय को स्थापित करने का एक शक्तिशाली तरीका था 



यहाँ फिरौन के विरुद्ध आई दस विपत्तियों का क्रमबद्ध विवरण और उनका आत्मिक महत्व दिया गया है मिस्र की दस विपत्तियाँ निर्गमन 7-12 
इनमें से हर एक विपत्ति का उद्देश्य मिस्र के एक या एक से अधिक प्रमुख देवताओं के अधिकार को चुनौती देना था।
मिस्र के किस देवता को चुनौती ?


मिस्र देश, पर परमेश्वर, की दस, विपत्तियाँ क्यों आई ?Step-by-step 



 जल का लहू बन जाना  निर्गमन 7:14-25 नील नदी का पानी लहू में बदल गया जिससे मछलियाँ मर गईं और पानी पीने योग्य नहीं रहा नील नदी के देवता जैसे हापी ओसिरिस खनुम जो जीवन और उर्वरता का स्रोत थे
मेंढक निर्गमन 8:1-15 मिस्र के हर घर बिस्तर और बर्तन में मेंढक भर गए हकेत मेंढक के सिर वाली देवी जो उर्वरता और जन्म की देवी थी 


मिस्र देश, पर परमेश्वर, की दस, विपत्तियाँ क्यों आई ?Step-by-step 



 निर्गमन 8:16-19 धूल जूँ और कुटकी छोटे कीड़े में बदल गई, जिसने मनुष्यों और पशुओं को परेशान किया।गेब पृथ्वी का देवता यह दर्शाता है कि परमेश्वर ने मिस्र की मिट्टी पर भी नियंत्रण कर लिया है


मिस्र देश, पर परमेश्वर, की दस, विपत्तियाँ क्यों आई ?Step-by-step 


 डांस  मक्खियों का दल निर्गमन 8:20-32 भयंकर मक्खियों के झुंडों ने पूरे मिस्र को भर दिया लेकिन गोशेन इज़राएलियों का निवास स्थान में नहीं आईं देवता जिसे सृष्टिकर्ता माना जाता था
पशुधन में महामारी निर्गमन 9:1-7 मिस्रियों के घोड़े गधे ऊँट भेड़ और गाय मर गए आपिस बैल हाथोर गाय और अन्य पशु देवता। 


निर्गमन 9:8-12  मनुष्यों और पशुओं पर दर्दनाक फफोले निकल आए यहाँ तक कि जादूगर भी मूसा के सामने खड़े नहीं हो पाए और तोथ चिकित्सा के देवता

मिस्र देश, पर परमेश्वर, की दस, विपत्तियाँ क्यों आई ?Step-by-step 



ओले और आग  निर्गमन 9:13-35 मिस्र में बिजली और आग मिश्रित भयंकर ओलों की वर्षा हुई जिसने फसलों और पेड़ों को नष्ट कर दिया नट आकाश की देवी और सेठ तूफान का देवता



 टिड्डियों का दल  निर्गमन 10:1-20  टिड्डियों के भारी दल ने ओलों से बची हुई हरियाली को खा डाला सेन फसलों का संरक्षक देवता तीन दिन का अंधकार  निर्गमन 10:21-29 पूरे मिस्र में तीन दिन तक ऐसा घना अंधकार रहा कि कोई एक-दूसरे को देख भी नहीं सका लेकिन इज़राएलियों के घरों में उजाला था मिस्र का सबसे महत्वपूर्ण सूर्य देव 



 पहलौठों का वध निर्गमन 11:1-12:36 परमेश्वर ने मिस्र में हर घर के पहलौठे बेटे और पशुओं के पहलौठों को मार डाला जिन इज़राएली घरों के द्वार पर मेमने का लहू लगा था वे बच गए फसह फिरौन जो स्वयं को एक देवता का पुत्र मानता था और ईसिस बच्चों की रक्षक ये विपत्तियाँ स्पष्ट रूप से दिखाती हैं कि यहोवा ही


 एकमात्र सच्चा और सर्वशक्तिमान परमेश्वर हैं। उन्होंने मिस्र के सारे झूठे देवताओं पर और सृष्टि के हर पहलू पानी जमीन हवा पौधे पशु और मनुष्य पर अपना पूर्ण नियंत्रण सिद्ध किया


मिस्र देश, पर परमेश्वर, की दस, विपत्तियाँ क्यों आई ?Step-by-step 


  फिरौन के कठोर हृदय का परिणाम विपत्तियाँ फिरौन के हठी स्वभाव के कारण आईं हर विपत्ति फिरौन को एक मौका देती थी कि वह पश्चात्ताप करे और इज़राएलियों को जाने दे लेकिन उसके बार-बार इंकार करने से उसकी और मिस्र की पीड़ा बढ़ती गई




 इज़राएल का छुटकारा इन चमत्कारों का अंतिम उद्देश्य इज़राएली लोगों को गुलामी से छुटकारा दिलाना और उन्हें यह दिखाना था कि उनका परमेश्वर उनके साथ है और उनके लिए लड़ रहा है।



 फसह की स्थापना दसवीं विपत्ति इतनी विनाशकारी थी कि इसने फसह के स्थायी धार्मिक उत्सव की नींव रखी जो परमेश्वर द्वारा मृत्यु से बचाए जाने के महान कार्य का प्रतीक बन गया।

आमीन जय मसीह की god bless you 


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

भटकती हुई भेड़ो का यह द्रष्टान्त सीखो ?

 भटकती हुई भेड़ो का यह द्रष्टान्त सीखो  प्रभु यीशु मसीह अक्सर लोगों को परमेश्वर के राज्य के बारे में सिखाने के लिए साधारण कहानियों दृष्टांतों का उपयोग करते थे। एक बार उन्होंने फरीसियों और शास्त्रीय पंडितों को देखकर यह दृष्टांत सुनाया भटकती हुई भेड़ो का यह द्रष्टान्त सीखो ?  तुम में से कौन है जिस की सौ भेड़ें हों और उन में से एक खो जाए तो निन्नानवे को जंगल में छोड़कर उस खोई हुई को जब तक मिल न जाए खोजता न रहे? और जब मिल जाती है, तब वह बड़े आनन्द से उसे कांधे पर उठा लेता है। और घर में आकर मित्रों और पड़ोसियों को इकट्ठे करके कहता है मेरे साथ आनन्द करो क्योंकि मेरी खोई हुई भेड़ मिल गई है। मैं तुम से कहता हूं कि इसी रीति से एक मन फिरानेवाले पापी के विषय में भी स्वर्ग में इतना ही आनन्द होगा जितना कि निन्नानवे ऐसे धमिर्यों के विषय नहीं होता जिन्हें मन फिराने की आवश्यकता नहीं या कौन ऐसी स्त्री होगी जिस के पास दस सिक्के हों और उन में से एक खो जाए तो वह दीया बारकर और घर झाड़ बुहार कर जब तक मिल न जाए, जी लगाकर खोजती न रहे ? और जब मिल जाता है तो वह अपने सखियों और पड़ोसिनियों को इकट्...

Bible fhoto free images download 4k ?

 Bible fhoto free images download 4k ? Bible fhoto free images download 4k ?

जीभ के बारे में बाईबल वचन Step-by-step Bible verses about the tongue

 जीभ के बारे में बाईबल वचन Step-by-step Bible verses about the tongue  हे मेरे भाइयों, तुम में से बहुत उपदेशक न बनें, क्योंकि जानते हो, कि हम उपदेशक और भी दोषी ठहरेंगे। याकूब 3:1 इसलिये कि हम सब बहुत बार चूक जाते हैं: जो कोई वचन में नहीं चूकता, वही तो सिद्ध मनुष्य है; और सारी देह पर भी लगाम लगा सकता है। याकूब 3:2 जब हम अपने वश में करने के लिये घोड़ों के मुंह में लगाम लगाते हैं, तो हम उन की सारी देह को भी फेर सकते हैं। याकूब 3:3 देखो, जहाज भी, यद्यपि ऐसे बड़े होते हैं, और प्रचण्ड वायु से चलाए जाते हैं, तौभी एक छोटी सी पतवार के द्वारा मांझी की इच्छा के अनुसार घुमाए जाते हैं। याकूब 3:4 वैसे ही जीभ भी एक छोटा सा अंग है और बड़ी बड़ी डींगे मारती है: देखो, थोड़ी सी आग से कितने बड़े वन में आग लग जाती है। याकूब 3:5 जीभ भी एक आग है: जीभ हमारे अंगों में अधर्म का एक लोक है और सारी देह पर कलंक लगाती है, और भवचक्र में आग लगा देती है और नरक कुण्ड की आग से जलती रहती है। याकूब 3:6 क्योंकि हर प्रकार के बन-पशु, पक्षी, और रेंगने वाले जन्तु और जलचर तो मनुष्य जाति के वश में हो सकते हैं और हो भी गए ...